कानपुर एनकाउंटर: शहीद SO महेश यादव की आखिरी कॉल- हम फंस गए हैं, अब बचना मुश्किल है…

कानपुर एनकाउंटर: जब अपराधियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी थी तो बीच एनकाउंटर महेश यादव की एक फोन कॉल ने बाकी पुलिसकर्मियों की जान बचाई. उन्होंने गोलियों से बचते हुए किसी तरह थाने के एएसआई को फोन किया और कहा...

शहीद एसओ शिवराजपुर महेश यादव. (File Photo)
शहीद एसओ शिवराजपुर महेश यादव. (File Photo)

कानपुर एनकाउंटर: जब अपराधियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी थी तो बीच एनकाउंटर महेश यादव की एक फोन कॉल ने बाकी पुलिसकर्मियों की जान बचाई. उन्होंने गोलियों से बचते हुए किसी तरह थाने के एएसआई को फोन किया और कहा…

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में अपराधियों से एनकाउंटर (Encounter) में कई जवान शहीद हो गए. इन्हीं में से एक शिवराजपुर थाने के एसओ महेश यादव (SO Mahesh Yadav) भी थे. पता चला है कि जब अपराधियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी थी तो बीच एनकाउंटर महेश यादव की एक फोन कॉल ने बाकी पुलिसकर्मियों की जान बचाई. उन्होंने गोलियों से बचते हुए किसी तरह थाने के एएसआई को फोन किया और कहा कि बदमाशों ने हम लोगों को घेर लिया है. हम फंस गए हैं. गोलियां चल रही हैं. अब बचना मुश्किल है. जल्दी फोर्स भेजें.

एसओ की कॉल ने बचाई कई पुलिसकर्मियों की जान

इसी कॉल के बाद भारी फोर्स और पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और इससे अन्य कई पुलिसकर्मियों की जान बच सकी. दरअसल विकास दुबे के घर दबिश देने वाली टीम में महेश यादव सबसे आगे थे. हमला होते ही उन्होंने मोर्चा लेने की कोशिश की लेकिन बदमाशों की फायर पावर के आगे एक-एक कर पुलिसकर्मी गिरने लगे. इस दौरान किसी तरह से महेश यादव घर के एक कमरे में छिपे, यहीं से उन्होंने थाने के एसएसआई को फोन कर घटना की जानकारी दी. इस कॉल के बाद फौरन वायरलेस किया गया. और भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची.

पीठ पर दागीं दर्जनों गोलियां

पुलिसकर्मियों के अनुसार शिवराजपुर एसओ महेश यादव गोली लगते ही गिर गए थे. बदमाशों ने उनकी पीठ पर दर्जनों गोलियां दागीं. मौत होने के बाद शवों को एक के ऊपर एक लाद दिया.

विकास दुबे सहित 35 पर एफआईआर

उधर फरार अभियुक्त विकास दुबे (Vikas Dubey) सहित 35 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है. हत्या, लूट, 7 सीएलए, सरकारी कार्य में बाधा सहित कई धाराओं में ये मुकदमा दर्ज किया गया है. चौबेपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई है. उधर लखनऊ में विकास दुबे के घर पर छापेमारी में विकास के भाई की पत्नी के पास लाइसेंसी रिवाल्वर मिली है. इस रिवाल्वर के लाइसेंस की पुलिस जांच कर रही है.

रात भर चली छापेमारी पर सफलता हाथ नहीं

पुलिस की 100 से ज्यादा टीमें विकास दुबे की गिरफ्तारी में छापेमारी कर रही हैं. इसके तहत शुक्रवार पूरी रात कई गांवों में छापेमारी की गई. इनमें रूरा, रसूलाबाद समेत विकास के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. फिलहाल पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी है. उधर वारदात के बाद आरोपी विकास दुबे के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव में ज्यादातर घरों में ताला लग गया है. वहीं विकास की सूचना देने वाले को 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा भी कर दी गई है.

इसी कॉल के बाद भारी फोर्स और पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और इससे अन्य कई पुलिसकर्मियों की जान बच सकी. दरअसल विकास दुबे के घर दबिश देने वाली टीम में महेश यादव सबसे आगे थे. हमला होते ही उन्होंने मोर्चा लेने की कोशिश की लेकिन बदमाशों की फायर पावर के आगे एक-एक कर पुलिसकर्मी गिरने लगे. इस दौरान किसी तरह से महेश यादव घर के एक कमरे में छिपे, यहीं से उन्होंने थाने के एसएसआई को फोन कर घटना की जानकारी दी. इस कॉल के बाद फौरन वायरलेस किया गया. और भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची.

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